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dc.date.accessioned2019-10-27T23:03:17Z
dc.date.available2019-10-27T23:03:17Z
dc.date.created2018-08-28 23:11
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dc.identifier.urihttp://hdl.handle.net/20.500.12424/2320382
dc.description.abstract★ ★ पूज्य संत श्री आशाराम बापू जी (sant shri Asaram Bapu  ji )  के श्री चरणों मे समर्पित हमारी कुछ Website व Blog.. Web :  http://www.mybapuji.com ----------------------------------------------------- http://pyaresatguruji.blogspot.com/ http://supracharsevasangh.blogspot.in/ http://rishidarshan.blogspot.in/ http://hariomcare.blogspot.in/ http://rishisanskriti.blogspot.in/ http://asharamjigroup.blogspot.com/ http://sanskritigyan.blogspot.in http://sanatanworld.blogspot.in/ http://hariomayurveda.blogspot.in ▼ Follow Us :  Youtube :   https://goo.gl/qE2jmU  Facebook :   https://goo.gl/xA1VcH Twitter :  https://goo.gl/thQhl3 Google+  :    https://goo.gl/fzAgtD instagram  :  https://goo.gl/okKZ81 pinterest  :  https://goo.gl/fWWHUs      मेरे  सदगुरूदेव   पूज्यपाद सदगुरूदेव संत श्री आसारामजी महाराज किसी भी देश की सच्ची संपत्ति संतजन ही होते है  |  ये जिस समय आविर्भूत होते हैं ,  उस समय के जन-समुदाय के लिए उनका जीवन ही सच्चा पथ-प्रदर्शक होता है  |  एक प्रसिद्ध संत तो यहाँ तक कहते हैं कि भगवान के दर्शन से भी अधिक लाभ भगवान के चरित्र सुनने से मिलता है और भगवान के चरित्र सुनने से भी ज्यादा लाभ सच्चे संतों के जीवन-चरित्र पढ़ने-सुनने से मिलता है  |  वस्तुतः विश्व के कल्याण के लिए जिस समय जिस धर्म की आवश्यकता होती है ,  उसका आदर्श उपस्थित करने के लिए भगवान ही तत्कालीन संतों के रूप में नित्य-अवतार लेकर आविर्भूत होते है  |  वर्तमान युग में यह दैवी कार्य जिन संतों द्वारा हो रहा है ,  उनमें एक लोकलाडीले संत हैं अमदावाद के श्रोत्रिय ,  ब्रह्मनिष्ठ योगीराज पूज्यपाद संत श्री आसारामजी महाराज  | महाराजश्री इतनी ऊँचायी पर अवस्थित हैं कि शब्द उन्हें बाँध नहीं सकते |  जैसे विश्वरूपदर्शन मानव-चक्षु से नहीं हो सकता ,  उसके लिए दिव्य-द्रष्टि चाहिये और जैसे विराट को नापने के लिये वामन का नाप बौना पड़ जाता है वैसे ही पूज्यश्री के विषय में कुछ भी लिखना मध्यान्ह्य के देदीप्यमान सूर्य को दीया दिखाने जैसा ही होगा  |  फ़िर भी अंतर में श्रद्धा ,  प्रेम व साहस जुटाकर गुह्य ब्रह्मविद्या के इन मूर्तिमंत स्वरूप की जीवन-झाँकी प्रस्तुत करने का हम एक विनम्र प्रयास कर रहे हैं  | 1.  जन्म परिचय संत श्री आसारामजी महाराज का जन्म सिंध प्रान्त के नवाबशाह जिले में सिंधु नदी के तट पर बसे बेराणी गाँव में नगरसेठ श्री थाऊमलजी सिरूमलानी के घर दिनांक  17  अप्रैल  1941  तदनुसार विक्रम संवत  1998 को चैत्रवद षष्ठी के दिन हुआ था  |  आपश्री की पुजनीया माताजी का नाम महँगीबा हैं  |  उस समय नामकरण संस्कार के दौरान आपका नाम आसुमल रखा गया था  | 2.  भविष्यवेत्ताओं की घोषणाएँ : बाल्याअवस्था से ही आपश्री के चेहरे पर विलक्षण कांति तथा नेत्रों में एक अदभुत तेज था  |  आपकी विलक्षण क्रियाओं को देखकर अनेक लोगों तथा भविष्यवक्ताओं ने यह भविष्यवाणी की थी कि ‘यह बालक पूर्व का अवश्य ही कोई सिद्ध योगीपुरुष हैं ,  जो अपना अधूरा कार्य पूरा करने के लिए ही अवतरित हुआ है  |  निश्चित ही यह एक अत्यधिक महान संत बनेगा…’ और आज अक्षरशः वही भविष्यवाणी सत्य सिद्ध हो रही हैं  | सम्पूर्ण जीवनी -     DOWNLOAD दादागुरु  स्वामी श्रीलीलाशाहजी महाराज  जीवनी -  DOWNLOAD Keywords :- आसाराम बापूजी  , आसाराम बापू  ,  आशाराम बापू  ,  सत्संग asharamjibapu ,bapu, bapuji ,asaram, ashram, asaramji, sant, asharamji ,asharam ,mybapuji,Hinduism, Sureshanandji, narayansai,, balsanskar hindi ,mybapuji,Yoga Vasistha mp3, Yoga Vasishtha mp3, pyaresatguruji ,yoga vasisht mp3, yoga vashishtha mp3, Yoga Vasistha audio, Yoga Vasishtha audio,  योग वशिष्ठ ,  योग वासिष्ठ , महारामायण , yoga vasishtha, yoga vasisht, yoga vashishtha, Maharamayana, Maharamayan, Vedant, Advaita Vedanta, Veda, Upanishad, Dattatreya, Avadhoota Gita, Avadhuta Geeta, Ashtavakra Gita, Adi Shankaracharya, Ramana Maharshi,  योग वासिष्ठ  mp3, योग वासिष्ठ  ebook,  योग वासिष्ठ  pdf,  योग वासिष्ठ हिंदी ,  योग वासिष्ठ ऑडियो , Shri Akhandanand Saraswati ji, Swami Madhavtirth ji,kundalini yoga,Mantra,Dhyan,Satsang,Ayurveda,Swami Rama Tirtha,Anandamayi Ma ,एक्यूप्रेशर चिकित्सा (Acupressure Therapy)
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dc.subjectPDF Book - Rishi Prasad
dc.title257. May 2014( Issue 257) Hindi
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